ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले में खामेनेई की जान चली गई। ईरान की ओर से भी इस बात की पुष्टि कर दी गई है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स हैंडल से एक पोस्ट शेयर की गई है।
ये पोस्ट फारसी भाषा में लिखा गया है। इसमें कहा गया, 'ईमान वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने अल्लाह से जो वादा किया था, उसे पूरा कर दिखाया। फिर उनमें से कोई तो अपनी मन्नत पूरी कर चुका (शहीद हो गया) और उनमें से कोई इंतजार कर रहा है। उन्होंने (अपने इरादे में) जरा भी तब्दीली नहीं की।'
सरकारी ईरानी मीडिया ने भी खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। ईरान मिलिल्ट्री मॉनिटर के नाम से बने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा गया, 'बेशक, हम अल्लाह के हैं और उन्हीं की तरफ लौटेंगे। ईरान की इस्लामी क्रांति के नेता, इमाम खामेनेई शहीद हो गए हैं।
खामेनेई की मौत की खबर मिलने के बाद ईरान के लोगों में गहरा दुख और गुस्सा है। सु्प्रीम लीडर की मौत के बाद 40 दिनों के सार्वजनिक शोक और 7 दिन के अवकाश की घोषणा की गई है।
खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने पहले ही दावा किया था। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अमेरिकी इंटेलीजेंस और इजरायल के साथ को-ऑर्डिनेशन में ऐसा सटीक हमले को अंजाम दिया गया। ईरान की लीडरशिप के पास बचने का कोई मौका ही नहीं मिला। ट्रंप ने कहा कि खामेनेई की मौत ईरान की जनता के लिए एक मौका है कि वो अपने देश से रीजिम को उखाड़ फेंके और अपनी सत्ता स्थापित करें।
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्हायू ने भी दुनिया के सामने आकर खामेनेई की मौत का दावा किया था। उन्होंने कहा था कि हमले के ऐसे संकेत मिले हैं कि खामेनेई की मौत हो गई है। यरुशलम पोस्ट ने भी दावा कर दिया कि कल सुबह तेहरान पर हुए हमले के मलबे में खामेनेई की डेड बॉडी मिली है।
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